महंगा नहीं होगा आपका लोन- RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

महंगा नहीं होगा आपका लोन- RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

आपके कर्ज की ईएमआई बढ़ने का खतरा नहीं है. आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा है. इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. कैश रिजर्व रेश्यो भी 4 फीसदी पर कायम है. इसका साफ अर्थ है कि बैंकों को आपके होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी.

 

जीडीपी ग्रोथ अनुमान
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी के बीच रहने के अपने अनुमान को बरकरार रखा है. इसके अलावा अक्टूबर से मार्च अवधि के दौरान जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी से 7.3 फीसदी के बीच रहने का अनुमान दिया है.

 

महंगाई का अनुमान
चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही यानी अक्टूबर से मार्च के दौरान महंगाई दर 2.7 से 3.2 फीसदी रहने का अनुमान दिया गया है. इसके अलावा आरबीआई के मुताबिक अगले वित्त वर्ष की छमाही में यह 3.8 से 4.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है.

 

3 दिसंबर से शुरू हुई थी एमपीसी की बैठक
रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की 3 दिन तक चलने वाली बैठक बुधवार यानी 3 दिसंबर से शुरू हुई थी. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में शुरु हुई थी.

 

आरबीआई क्रेडिट पॉलिसी की मुख्य बातें

 

    • बैंक दर 6.75 पर स्थिर रखी गई है.

 

    • वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही के दौरान विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान, इसमें गिरावट भी आ सकती है.

 

    • रबी फसलों की कम बुवाई से कृषि, ग्रामीण मांग पर निगेटिव असर पड़ने की आशंका है.

 

    • वित्तीय बाजार के उतार-चढ़ाव, कमजोर ग्लोबल मांग और व्यापार तनाव बढ़ने से एक्सपोर्ट के लिये जोखिम बढ़ेगा.

 

    • मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5- 7 फरवरी 2019 को होगी.

 

 

चालू वित्त वर्ष की क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई के फैसले
अक्टूबर- आरबीआई ने 5 अक्टूबर को जारी अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में रेपो रेट को नहीं बढ़ाते हुए इसे 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा. वहीं, रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी पर रहा यानि इसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ. कैश रिजर्व रेश्यो 4 फीसदी पर कायम रहा.

 

अगस्त-आरबीआई ने 1 अगस्त को रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था. रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया गया था. सीआरआर (कैश रिजर्व रेश्यो) में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 4 फीसदी पर कायम रखा गया.

 

जून-आरबीआई ने 6 जून को रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया था. वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 फीसदी बढ़कर 6 फीसदी कर दिया था. सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया था और ये 4 फीसदी रखा गया.

 

अप्रैल- रिजर्व बैंक ने क्रेडिट पॉलिसी में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए रेपो रेट 6 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा था. कैश रिजर्व रेश्यो यानि सीआरआर भी 4 फीसदी पर बरकरार रखा गया था.

 

क्या है रेपो रेट/रिवर्स रेपो रेट/सीआरआर
रेपो दर वो दर है जिस पर रिजर्व बैंक बहुत ही थोड़े समय के लिए बैंकों को कर्ज देता है. इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट वो है जिसपर बैंक आरबीआई को कर्ज देते हैं. सीआरआर यानी कैश रिजर्व रेश्यो का अर्थ है कि बैंकों को अपनी पूंजी का कुछ हिस्सा आरबीआई के पास रिजर्व रखना होता है और इसे कैश रिजर्व रेश्यो कहा जाता है.

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