जेट एयरवेज के भविष्य पर प्रबंधन और बैंकर्स की मीटिंग में आज हो सकता है फैसला

  • नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने नो पे नो वर्क के फैसले को सोमवार तक स्थगित किया
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एयरवेज में 1500 करोड़ रुपए निवेश करने का वादा किया था

मुंबई. 26 साल पुरानी जेट एयरवेज फिर से उड़ान भरेगी या अगर-मगर के भंवर में फंसकर डूब जाएगी, इसका पता सोमवार को होने वाली बैठक के बाद ही लग सकेगा। एयरवेज के प्रबंधन की बैंकों के कंसोर्टियम से आज मीटिंग है। हालांकि, 25 मार्च को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वादा किया था कि एयरवेज को उबारने के लिए वह 1500 करोड़ का निवेश करेगी, लेकिन एयरलाइंस को बैंक कितना पैसा कब देने को तैयार होगा, इसका पता बैठक के बाद ही चल पाएगा।
 

कंपनी की हालत लगातार खराब हो रही

  1. सूत्रों का कहना है कि जेट एयरवेज की हालत लगातार खराब हो रही है। आलम यह है कि कंपनी घरेलू उड़ानों तक ही सीमित रह गई है। फिलहाल एक बोइंग 737 और 5 एटीआर विमान ही उड़ान भर रहे हैं। पिछले साल नवंबर तक कंपनी के पास 124 विमान थे। इन्हें उड़ाने के लिए लगभग 1500 पायलटों की जरूरत होती है।
  2. सोमवार की बैठक के बाद पता चलेगा कि एयरवेज के शेयर खरीदने के लिए कितने निवेशकों ने ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जमा कराए हैं। तय नियमों के मुताबिक, योग्य बिडर्स 30 अप्रैल तक ही बिडिंग दाखिल कर सकते हैं। निवेशकों का रुख भी कंपनी के भविष्य को तय करेगा।
  3. स्पाइस जेट उठा रही मौके का फायदा

    स्पाइस जेट ने कर्ज संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के इंजीनियरों और पायलटों को नौकरियां ऑफर की हैं। कंपनी ने जेट के कर्मचारियों के सामने उनकी मौजूदा सैलरी से 30% से 50% कम सीटीसी पर नौकरी करने का प्रस्ताव रखा है। कुछ ने इससे सहमति जताई है, जबकि कुछ को उम्मीद है कि जेट का संकट दूर हो जाएगा।

  4. स्पाइस जेट समेत कुछ एयरलाइंस कुछ समय पहले तक पायलटों और इंजीनियरों को बेहतर पैकेज और बोनस की सुविधा के साथ नौकरी पर रखने के लिए तैयार थी।
  5. जेट एयरवेज बीते कुछ महीनों से आर्थिक संकट से गुजर रही है। कंपनी पर 8000 करोड़ रुपए कर्ज है। अधिकांश विमान खड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी रोक लगी है। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि हम इस स्थिति को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं।
     
  6. कंपनी के एक 51 वर्षीय कर्मी का कहना है कि अगर बैंक एयरवेज को बचाने के इच्छुक नहीं हैं तो उन्हें जल्दी इसकी घोषणा करनी चाहिए। उनका कहना है कि बैंक झूठी दिलासा देकर लोगों को भ्रमित न करें तो बेहतर रहेगा। जो कर्मी कम उम्र के हैं, उन्हें तो नौकरी मिल जाएगी, लेकिन उनके जैसे लोग इस उम्र में कहां जाएंगे।
     
  7. नेशनल एविएटर्स गिल्ड का कहना है कि यह नाजुक समय है और कर्मियों को अपनी एकता दिखानी चाहिए। नो पे, नो वर्क के फैसले को सोमवार तक स्थगित कर दिया गया। मीटिंग का नतीजा देखकर एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगी।
  8. एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैप्टन असीम वलियानी का कहना है कि पायलटों, इंजीनियर्स और मैनेजमेंट स्टाफ को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। सरकार ने भरोसा दिलाया था कि एसबीआई एयरवेज में पैसा निवेश करेगा, लेकिन अभी तक हमको एक पैसे का भी निवेश दिखा नहीं है।

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