बिजली का नया रेट 1 मार्च से सिस्टम में अपलोड लेकिन आधे बिल का फायदा मिलेगा अप्रैल में ही

ठाकुरराम यादव, रायपुर . राज्य सरकार ने 1 मार्च से 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने की घोषणा की है लेकिन इसका फायदा लोगों को मार्च के बिल में नहीं मिलेगा। अप्रैल में होने वाली मीटर रीडिंग में ही लोगों को 50 फीसदी छूट वाला बिजली बिल मिलेगा। यही वह पहला बिल होगा, जिसमें 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ता को अप्रैल के बिल में 716 रुपए बचेंगे। 400 यूनिट तक के लिए नई दर 2.75 रु. प्रति यूनिट है। इस तरह से गणना करने पर 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ता का बिल करीब 1100 रुपए आएगा। इतनी यूनिट खपत पर पुरानी दरों में बिजली का बिल करीब 1816 रुपए आता था।

बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार दो महीने के बीच दो अलग-अलग दरों से बिजली बिल की गणना करने में तकनीकी दिक्कत है। कंपनी आमतौर पर नई दर लागू होने के बाद अगले महीने का ही बिल नई दर से जारी करती है। 400 यूनिट तक बिल आधा करने की घोषणा 1 मार्च से लागू जरूर होगी, लेकिन फायदा अप्रैल में जारी होने वाले बिल में ही मिलेगा। नई दर को कंपनी सिस्टम में अपलोड करती है। सिस्टम खपत यूनिट के आधार पर ही बिजल जारी करता है। कंपनी अफसरों का कहना है कि 50 फीसदी छूट को लागू करने के लिए मार्च में नई दर को सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। इसलिए मार्च से अप्रैल के बीच की रीडिंग के बाद जो बिल जारी होगा, वही नई दर से दिया जा सकेगा। 

अलग इलाके में मीटर रीडिंग की अलग तारीख, इसलिए अप्रैल में भी 15 के बाद वाले बिल ही हाफफीसदी बिल की घोषणा लागू होने के करीब एक महीने बाद लोगों को इसका फायदा मिलेगा। यह तकनीकी दिक्कत मीटर रीडिंग के अलग-अलग शेड्यूल की वजह से आ रहा है।

बिजली कंपनी पूरे एक महीने यानी 30 दिन की खपत के आधार पर बिजली बिल देती है। कंपनी के पास पर्याप्त अमला नहीं है कि पूरे शहर या राज्य में एक ही तारीख को मीटर की रीडिंग कर बिल जारी कर दिया जाएगा। एक-एक क्षेत्र में अलग-अलग बैच बनाए जाते हैं और हर बैच को एक निश्चित संख्या में मीटर नंबर दिए जाते हैं। एक बैच को एक निश्चित तारीख दी जाती है। इसलिए कुछ घरों का बिजली का बिल महीने के 15, 20 और 25

तारीख को जारी किए जाते हैं। इन तारीखों में जारी होने वाला बिल पिछले महीने की उसी तारीख से 30 दिनों का होता है। राज्य सरकार ने 1 मार्च से 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने की घोषणा की है। नियमत: यह होना चाहिए कि मार्च में जारी होने वाले बिल में आधा बिल पुरानी दर से और आधा बिल मार्च की 50 फीसदी छूट वाली घोषणा की दर से गणना की जानी चाहिए। जैसे किसी व्यक्ति को 15 मार्च को बिल जारी हुआ तो उन्हें 16 फरवरी से 15 मार्च तक की बिजली खपत का बिल जारी होगा।

1 मार्च से बिल आधा करने की घोषणा के अनुसार उस व्यक्ति का 16 से 28 फरवरी तक का बिल पुरानी दर से, और 1 से 15 मार्च तक की गणना  नई दर से होनी चाहिए। इस तरह दोनों गणना को जोड़ने के बाद बिल जारी किया जाना चाहिए। लेकिन इसमें तकनीकी दिक्कत है। सिस्टम एक ही रेट के आधार पर बिल की गणना कर सकता है। सिस्टम में दो रेट अपलोड नहीं किए जा सकते। इसलिए इस तरह बिल बनाना मुश्किल है। 

सिस्टम के अनुसार मार्च के बाद वाले बिजली बिल में ही छूट का फायदा मिलना चाहिए। हालांकि शासन के नोटिफिकेशन में जो आदेश आएगा, उसके मुताबिक बिल देंगे। नोटिफिकेशन नहीं आया है। एचआर नरवरे, डायरेक्टर पावर वितरण कंपनी

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