कमलनाथ के करीबियों के ठिकानों पर आयकर की कार्रवाई आज भी जारी रहेगी, 11 बैग खुलना बाकी

  • कमलनाथ के करीबियों के 50 ठिकानों पर छापे, अब तक 9 करोड़ रुपए बरामद
  • आयकर अफसरों ने गोवा, दिल्ली, भोपाल और कोलकाता में कार्रवाई की
  • मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- चुनाव में जीत के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं
  • चुनाव आयोग ने कहा है कि केंद्र सरकार छापेमारी की जानकारी राज्य चुनाव आयुक्त को दे

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहेगी। सीएम के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के भोपाल स्थित घरों पर छापेमारी में अब तक 9 करोड़ रुपए नकद मिल चुके हैं। रविवार देर रात नोट गिनने की छह मशीन बुलवाई गई थीं। सूत्रों के मुताबिक, अभी अश्विन के पास मिले 11 बैग खुलना बाकी हैं, इनमें और नकदी मिल सकती है।

कक्कड़ के इंदौर स्थित घर से 30 लाख की ज्वेलरी और दो लाख कैश मिला है। उनके सीए अनिल गर्ग ने कहा कि आईटी अफसरों ने मुझसे आईटीआर की कॉपी मांगी थीं, मैंने उन्हें पिछले सात साल में भरे गए आईटीआर की कॉपी उपलब्ध करा दी हैं।

आयकर के 500 अफसरों की टीमों ने रविवार तड़के 3 बजे भोपाल, इंदौर, दिल्ली, कोलकाता समेत 50 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई हवाला के जरिए हुए पैसे के लेन-देन और टैक्स चोरी की आशंका के चलते की गई। कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़, भांजे रतुल पुरी, सलाहकार आरके मिगलानी, कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के ठिकाने खंगाले गए। इस बीच, मध्यप्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ के बीच रविवार शाम को टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ के अफसरों ने पुलिस को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

कार्रवाई की जानकारी आयोग को दी जाए

चुनाव आयोग के अफसर विक्रम बत्रा ने कहा कि पैसों के जरिए मतदाता को प्रभावित करने का चलन तेजी से बढ़ा है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर प्रवर्तन एजेंसियां कानून के मुताबिक प्रभावी कदम उठा रही हैं। आयोग की सलाह है कि चुनावी समर में कार्रवाई निष्पक्ष होकर करना चाहिए। साथ ही आचार संहिता के दौरान ऐसी कार्रवाई की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दी जाना चाहिए। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश जारी किया है। 

छापे रविवार सुबह 3 बजे से शुरू हुए 

  • यह कार्रवाई सीधे दिल्ली से बुलाई गई सीआरपीएफ टीम की सुरक्षा में तड़के 3 बजे शुरू की गई। मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल में कुल 6 ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि यहां छापे का केंद्र अश्विन शर्मा थे। आशंका जताई जा रही है कि शर्मा ने कांग्रेस सरकार बनने के बाद ट्रांसफर और पोस्टिंग में अहम भूमिका निभाई थी।
  • हालांकि शर्मा ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया। शाम को अश्विन शर्मा के घर छापे के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ का कहना है कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही। भोपाल में छापे का मुख्य केंद्र अश्विन शर्मा ही रहा। सूत्रों के अनुसार उसके डेढ़ दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों से बेहद नजदीकी संबंध थे। विभाग इन अफसरों के साथ वॉट्सऐप चैट की डिटेल खंगाल रहा है।

आर्म्स डीलर हैं प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा

दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। अश्विन का ब्यूरोक्रेट्स में खासा दखल है। एनजीओ समेत कई काम हैं। अफसरों के कमरों में बेधड़क आना और जाना भी है। ऐसा कहा जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी ये सक्रिय रहते हैं। प्रवीण कक्कड़ से इनका जुड़ाव है। अश्विन 2005 से ही ब्यूरोक्रेट्स के बीच में सक्रिय है। अश्विन को शुरूआती दौर में मध्यप्रदेश के दो अफसरों ने मदद की और फिर यह दायरा बढ़ता गया। सचिवालय (वल्लभ भवन) के एक बड़े अफसर के कहने पर 31 दिसंबर को अश्विन ने फेसबुक प्रोफाइल डिलीट कर दी।

मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़

सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ इंदौर में टीआई थे। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चा में आए। राष्ट्रपति अवॉर्ड भी मिला। 2004 में नौकरी छोड़कर वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे सांसद कांतिलाल भूरिया के स्टॉफ ऑफिसर बने थे।

मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेंद्र मिगलानी

कमलनाथ के पहले लोकसभा चुनाव से ही राजेंद्र मिगलानी उनके साथ हैं। सारे कामकाज देखते हैं। मुख्यमंत्री से कौन मिलेगा, यह भी मिगलानी तय करते हैं। जब कमलनाथ सीएम बने तो उन्होंने मिगलानी को सलाहकार नियुक्त किया। 

मुख्यमंत्री के भांजे रतुल पुरी

रतुल पुरी कमलनाथ के भांजे हैं। वे अमिरा ग्रुप और मोजेर बेयर कंपनी से जुड़े हैं। ईडी अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मामले में पूछताछ कर ही रही है। हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध‍यक्ष भी हैं। कमलनाथ के साथ दावोस दौरे पर गए थे। मध्यप्रदेश में अनूपपुर में रतुल की कंपनी एक 2522 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगा रही है। इन कंपनियों के परिसरों पर भी छानबीन की गई। काेलकाता के एक कारोबारी पारसमल लोढ़ा के परिसरों पर भी छापे मारे गए।

कार्रवाई को लेकर टकराव की कोई बात नहीं: डीजीपी
मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक वीके सिंह ने आयकर की कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस से किसी भी प्रकार के टकराव की बात से इनकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आयकर का अमला पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया का पालन कर कहीं ले जाना चाहता है तो पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। 

प्लेटिनम प्लाजा में अश्विन के कई फ्लैट और 8 लग्जरी गाड़ियां

अश्विन शर्मा के पास प्लेटिनम प्लाजा में कई फ्लैट और आठ लग्जरी गाड़ियां मिली हैं। चौंथे और छठे फ्लोर पर अश्विन और उनके परिजन रहते हैं। पूरे प्लाजा में अश्विन की लक्जरी गाड़ियां की चर्चा रहती है। उसके पास दो लेंड रोवर, तीन मर्सिडीज और तीन विंटेज कार का कलेक्शन है। शर्मा के कामकाज के बारे में लोगों को कम ही जानकारी है। प्लाजा के कमर्शियल विंग के भी छठे फ्लोर में उसका ऑफिस है। बताया जा रहा है कि प्रतीक जोशी उसके परिवार का सहयोगी है, जिसके पास 9 करोड़ रुपए कैश मिले।

घर खुलवाने में आधा घंटा लगा
अश्विन शर्मा के घर पर आयकर विभाग की टीम रात्रि 2.30 पर पहुंची। टीम के दरवाजा खटखटाने पर उनके परिजनों ने दरवाजा खोला। लेकिन सशस्त्र बल और आयकर की टीम को देखते ही दोबारा दरवाजा बंद कर लिया। टीम में के लोग बार-बार उनसे दरवाजा खोलने को कहते रहे। पर दरवाजा नहीं खुला। रात 3 बजे दरवाजा खुला। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान घर के लोगों ने कैश और दस्तावेज ठिकाने लगाने की कोशिश की। 
 

चुनाव में हार नजर आने लगी तो डराने का प्रयास कर रही है भाजपा: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आयकर छापों की सारी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सारी स्थिति स्पष्ट होने पर ही इस पर कुछ कहना उचित होगा। लेकिन पूरा देश जानता है कि संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह इस्तेमाल पिछले पांच वर्ष में किया गया। इनका उपयोग कर डराने का काम किया जा रहा है। जब भाजपा के पास विकास पर, अपने काम पर कुछ कहने को और बोलने को नहीं बचा तो ये विरोधियों के खिलाफ इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं।

शिवराज ने कहा- आचार संहिता लगी है तो पुलिस कैसे भेजी
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, “सीएस और पुलिस अधिकारी बताएं कि किसके कहने पर पुलिस भेजी गई। जब आचार संहिता लगी है तो पुलिस कैसे भेजी जा सकती है? प्रदेश में संविधान के ढांचे को ध्वस्त किया गया है। वे रविवार को यहां मीडिया से चर्चा कर रहे थे। चौहान ने कहा कि यह कांग्रेस सरकार की अति है। ऐसा हम नहीं चलने देंगे।” नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री कमलनाथ इस्तीफा दें।

हिम्मत है तो मामा-मामी और शाह के घर पर छापा मारें: दिग्विजय
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कक्कड़ के घर पड़ आयकर छापेे पर खुलकर कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है जिनके घर पर छापा पड़ा है, वे जानकारी देंगे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्नी साधना सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अफसरों में हिम्मत है तो मामा-मामी और शाह के घर पर छापा डालकर बताएं।

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