दुर्लभ तितलियों की वापसी, लंदन में 2017 के मुकाबले तितलियों की संख्या दो तिहाई तक बढ़ी

  • एनुअल यूके बटरफ्लाई मॉनिटरिंग स्कीम की रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मी बढ़ने से इनकी आबादी बढ़ी
  • लार्ज ब्लू और ब्लैक हेयरस्ट्रीक जैसी दुर्लभ तितलियां भी देखी गईं जिनकी संख्या 1976 में सबसे अधिक थी
  • लंबे समय से अस्तित्व के लिए लड़ रहीं ड्यूक ऑफ बरगंडी की संख्या में भी 65% इजाफा हुआ

लाइफस्टाइल डेस्क. लंदन में तितलियों में संख्या बढ़ रही है। खास बात है कि इसमें दुर्लभ तितलियां भी शामिल हैं। यह शुरुआत पिछले साल गर्मियों में हुई थी। एनुअल यूके बटरफ्लाई मॉनिटरिंग स्कीम की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 के मुकाबले इस साल गर्मी के कारण दो तिहाई तितलियों की संख्या में इजाफा हुआ है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसमें लार्ज ब्लू और ब्लैक हेयरस्ट्रीक नाम की दुर्लभ तितलियां भी देखी गई हैं। जिनकी संख्या 1976 में सबसे अधिक थी।

1970 में विलुप्त घोषित की जा चुकी नीली तितलियों की संख्या भी बढ़ी

  1. शोधकर्ताओं का कहना है लगातार कई सालों से तितलियों की संख्या का कम होना जारी था, लेकिन अचानक पिछले साल गर्मियों में इनकी संख्या में इजाफा देखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, नीली तितलियां 1970 में विलुप्त घोषित की जा चुकी थी। कुछ समय बाद इन्हें दोबारा पैदा किया गया था। 2017 में इनकी संख्या में 58% की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं ब्लैकस्ट्रीक में 900% की बढ़ोतरी हुई है।
  2. गर्मी बढ़ने से घास के मैदानों में दिखने वाली तितलियों की संख्या घटी

    गर्मियों में लार्ज हीथ, हीथ फ्रिटीलियरी और स्माॅल व्हाइट की प्रजाति में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्राउन ऑर्गस और स्पेक्ल्ड वुड बटरफ्लाई की संख्या इस साल बढ़ती है। वहीं कॉमन व्हाइट की संख्या औसत से भी कम हुई है। पिछले कुछ सालों में लार्ज, स्मॉल और ग्रीन वेन वाली तितलियों की संख्या में इजाफा हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना  है तापमान बढ़ने से घास के मैदानों में दिखने वाली तितलियों पर उलटा असर हुआ है और इनकी संख्या में कमी आई है। 

  3. 2018 ने तितलियों का स्वागत किया : प्रो. टॉम

    तितली संरक्षणकर्ता प्रो. टॉम बेरेटन के मुताबिक, लंबे समय से अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहीं तितलियों की खास प्रजाति ड्यूक ऑफ बरगंडी में भी 65% इजाफा हुआ है। पिछले 10 सालों में इनके लिए किए गए संरक्षण कार्यों का नतीजा पॉजिटिव रहा। प्रो. टॉम कहते हैं साल 2018 ने तितलियों का स्वागत किया है। 

  4. क्या है वार्षिक मॉनिटरिंग स्कीम

    तितलियों के संरक्षण के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग स्कीम बनाई गई है। इसके लिए सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड हायड्र्रोलाजी, ब्रिटिश ट्रस्ट ऑफ ऑर्निथोलॉजी और जॉइंट नेचर कंजर्वेशन कमेटी मिलकर काम कर रही हैं। हर साल में गर्मियों में हजारों वॉलंटियर तितलियों से जुड़ा डेटा इकट्ठा करते हैं जिसके आधार पर रिपोर्ट जारी की जाती है। 
     

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