कभी भारत में रद्द हुए थे रेडियो के लाइसेंस और ट्रांसमीटर जमा करने का जारी हुआ था आदेश

  • 119 साल का हुआ रेडियो, लोगों के मनोरंजन के लिए 1906 में पहली बार सुनाई गई थी वायलिन की धुन
  • रेडियो की खोज 1900 में एक इटेलियन वैज्ञानिक गुल्येल्मो मार्कोनी ने की
  • साल दर साल इसमें कई बदलाव हुए जिसने इसे दुनियाभर में खबरों का माध्यम बनाया
  • इंटरनेट के दौर में आज भी दुनिया में 390 करोड़ लोगों के लिए मनोरंजन का जरिया रेडियो है  

लाइफस्टाइल डेस्क. आज वर्ल्ड रेडियो डे है। यूं तो भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने भारत में और गुल्येल्मो मार्कोनी ने इंग्लैंड से अमरीका संदेश भेजकर 1900 में रेडियो की शुरुआत कर दी थी। लेकिन इसे मनोरंजक बनाने में 24 दिसंबर 1906 का दिन यादगार रहा। जब शाम को वैज्ञानिक रेगिनॉल्ड फेसेंडेन ने अपना वायलिन बजाया और अटलांटिक महासागर में तैर रहे तमाम जहाजों के रेडियो ऑपरेटरों ने उस संगीत को अपने रेडियो सेट पर सुना। ये दुनिया में रेडियो प्रसारण की बड़ी शुरुआत थी। जानिए रेडियो से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा जब रेडियो के लाइसेंस रद्द करने का सरकारी फरमान जारी किया गया था…
 

जब नरीमन प्रिंटर ने छिपा दिए थे ट्रांसमीटर के पुर्जे…

    • भारत 1923 में रेडियो क्लब ऑफ बॉम्बे (बॉम्बे की मंडली) से प्रसारण की शुरु हुई थी। 1927 तक भारत में भी ढेरों रेडियो क्लबों की स्थापना हो चुकी थी। 1936 में सरकारी ‘इंपीरियल रेडियो ऑफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आजादी के बाद ऑल इंडिया रेडियो या आकाशवाणी बन गया।
    • 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत होने पर भारत में भी रेडियो के सारे लाइसेंस रद्द कर दिए गए और ट्रांसमीटरों को सरकार के पास जमा करने के आदेश दे दिए गए।
    • रेडियो ऑपरेटर नरीमन प्रिंटर उन दिनों बॉम्बे टेक्निकल इंस्टीट्यूट बायकुला के प्रिंसिपल थे और रेडियो इंजीनियरिंग में पढ़ाई की थी। लाइसेंस रद्द होने की खबर सुनते ही उन्होंने अपने रेडियो ट्रांसमीटर को खोल दिया और उसके पुर्जे अलग-अलग जगह पर छुपा दिए। 
    • इस बीच गांधी जी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया। महात्मा गांधी समेत तमाम नेता 9 अगस्त 1942 को गिरफ़्तार कर लिए गए और प्रेस पर पाबंदी लगा दी गई। कांग्रेस के कुछ नेताओं के अनुरोध पर नरीमन प्रिंटर ने अपने ट्रांसमीटर के पुर्जे फिर से एकजुट किया।
    • माइक जैसे कुछ सामान की कमी थी जो शिकागो रेडियो के मालिक नानक मोटवानी की दुकान से मिल गई और मुंबई के चौपाटी इलाके के सी व्यू बिल्डिंग से 27 अगस्त 1942 को नेशनल कांग्रेस रेडियो का प्रसारण शुरु हो गया।
  1. क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड रेडियाे डे

    • 2011 में यूनेस्को की जनरल कॉन्फ्रेंस में तय किया गया कि 13 फरवरी को हर साल ‘वर्ल्ड रेडियो डे’ मनाया जाएगा। यह दिया इसलिए चुना गया क्योंकि 1946 में 13 फरवरी को यूनाइटेड नेशन रेडियो की स्थापना हुई थी।
    • वर्ल्ड रेडियो डे का उद्देश्य लोगों को रेडियो के प्रति जागरूक करना और इतिहास में इसकी भूमिकाओं को याद कराना है। इस साल इसकी थीम है संवाद, सहिष्णुता और शांति।
    • रेडियो की खोज सन 1900 में इटेलियन वैज्ञानिक गुल्येल्मो मार्कोनी ने की लेकिन साल दर साल इसमें कई बदलाव हुए जिसने इसे दुनियाभर में खबरों का माध्यम बनाया।
    • एक सर्वे के मुताबिक, इंटरनेट के दौर में आज भी दुनिया में 390 करोड़ लोगों के लिए मनोरंजन का जरिया रेडियो है। 

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