फांसी की सजा पा चुके मोहम्मद हनीफ की नागपुर के एक हॉस्पिटल में मौत

  • हनीफ की मौत की असली वजहों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है 
  • 2003 ब्लास्ट मामले में हनीफ के साथ उसकी पत्नी भी दोषी है 

नागपुर. साल 2003 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के दोषी मोहम्मद हनीफ सैयद की शनिवार को नागपुर के सरकारी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हनीफ को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।

अचानक तबियत बिगड़ने के बाद हॉस्पिटल में हुआ था भर्ती: जेल अधीक्षक रानी भोसले ने बताया कि सैयद की शनिवार शाम को अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डेढ़ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। 

 

आज होगा पोस्टमार्टम: जेल अधीक्षक ने आगे बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह का पता चल सकेगा। उसके रिश्तेदारों की मौजूदगी में आज(सोमवार) को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हुई।

 

हनीफ पर यह था आरोप: 23 अगस्त, 2003 को गेटवे ऑफ इंडिया और झावेरी बाजार में दो बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 52 लोग मारे गए थे और 244 घायल हुए थे। मामले में सैयद, उसकी पत्नी फहमीदा और अशरत अंसारी को पोटा कोर्ट ने 2009 में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मौत की सजा बरकरार रखे जाने के बाद सैयद को 2012 में यरवदा जेल से नागपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था।

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