छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में दूरदर्शन टीम पर नक्सली हमला, कैमरामैन की मौत, दो पुलिस वाले भी शहीद

छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में दूरदर्शन टीम पर नक्सली हमला, कैमरामैन की मौत, दो पुलिस वाले भी शहीद

रायपुर: छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा में दूरदर्शन टीम पर नक्सली हमला हुआ है. इस हमले में दूरदर्शन के कैमरामैन अच्युतानंद साहू की मौत हो गई है. हमले वाली जगह का नाम अरनपुर है. ये वो इलाका है जहां पहली बार वोटिंग होने वाली है. दूरदर्शन टीम उसी की रिपोर्टिंग के लिए दौरे पर थी.

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया, ”अरनपुर थाना इलाके के नीलवाया में मंगलवार को नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया. मुठभेड़ में एएसआई रुद्रप्रताप और सहायक आरक्षक मंगलराम शहीद हो गए. वहीं जवान विष्णु नेताम और सहायक आरक्षक राकेश कौशल घायल हैं.”

उन्होंने बताया, “दूरदर्शन की तीन सदस्यीय टीम पर भी यहां नक्सलियों ने गोलीबारी की है, जिसमें कैमरामैन अच्युतानंद साहू की गोली लगने से मौत हो गई. वहीं एक अन्य पत्रकार के भी घायल होने की सूचना है.”

सूचना प्रसारण मंत्री ने हादसे पर दुख जताया
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, ”कैमरामैन के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. मैं उन सभी मीडिया कर्मियों को सलाम करता हूं जो इतनी खतरनाक जगहों पर कवरेज के लिए जाते हैं. उनकी बहादुरी को याद रखा जाएगा.”

 

तीन दिन पहले शहीद हुए थे चार CRPF जवान
तीन दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सीआरपीएफ के एंटी लैंड माइन वाहन पर हमले में चार जवान शहीद हो गए थे. जबकि दो अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. सीआरपीएफ जवानों पर हमले की ये घटना बीजापुर से बासागुड़ा तररेम मार्ग पर आवापल्ली और मुरदोंडा के बीच हुई थी. सीआरपीएफ की 168 बटालियन के जवान रोड ओपनिंग के लिए निकले थे और तभी नक्सलियों ने उन्हें निशाना बनाया था.

 

छत्तीगढ़ में जल्द होने हैं चुनाव
छत्तीसगढ़ में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसलिए नक्सलियों की सक्रियता बढ़ने की खबर है. छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहला चरण के लिए 12 नवंबर को वोटिंग होगी. वहीं दूसरा चरण 20 नवंबर को होगा. वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी. छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं.

 

सोमार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपना दंतेवाड़ा का दौरा रद्दकर दिया था. रविशंकर प्रसाद के ना जाने को कांग्रेस ने बीजेपी के नक्सल वाद खत्म करने के दावे से जोड़़ दिया. बीजेपी का कहना कि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया.

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