कुमार विश्वास के वकील बने आप लीगल सेल के सचिव, पार्टी ने किया बर्खास्त

newsyuva

आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को अपनी नेशनल लीगल सेल के महासचिव अमित यादव को पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। अमित यादव पर आरोप है कि वह आम आदमी पार्टी के फाउंडर मेंबर और इन दिनों पार्टी से बाहर चल रहे कुमार विश्वास का एक केस लड़ रहे हैं। इस बात से नाराज आम आदमी पार्टी ने अमित यादव को पार्टी से ही बर्खास्त करने का फैसला किया है। बता दें कि अमित यादव को इस साल की शुरुआत में ही पार्टी की लीगल सेल का महासचिव बनाया गया था। इससे पहले अमित काफी समय तक पार्टी के कानूनी मामले देखते रहे हैं। अमित यादव ने साल 2012 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की थी और पार्टी के एंटी करप्शन मूवमेंट में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

वहीं अमित यादव को पार्टी से बर्खास्त करने के सवाल पर आप की लीगल सेल के संयोजक मदन लाल का कहना है कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण पार्टी से बर्खास्त किया गया है। बताया जा रहा है कि अमित यादव को बर्खास्त करने से पहले पार्टी ने उनसे अपना पक्ष रखने को कहा था, लेकिन अमित यादव ने इससे इंकार कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें बर्खास्त करने का फैसला किया। वहीं अमित यादव का इस पूरे मामले पर कहना है कि मैंने कुमार विश्वास की एक प्रोफेशनल वकील के तौर पर मदद की थी और मैंने ऐसा कुछ नहीं किया, जो पार्टी विरोधी हो। पार्टी उन्हें कोई भुगतान नहीं करती, वकालत ही उनका पेशा है।

उल्लेखनीय है कि कुमार विश्वास इन दिनों आम आदमी पार्टी के विरोध में हैं और कई मौकों पर अरविंद केजरीवाल की खुलकर आलोचना कर चुके हैं। हाल ही में कुमार विश्वास को दिल्ली विधानसभा चुनाव के एक मामले में बरी किया गया है। इसके बाद कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि दर्जनों राजनैतिक मामलें उन पर चल रहे हैं। कायर युद्ध का मैदान छोड़कर भाग जाते हैं, लेकिन लड़ाई चलती रहती है। माना जा रहा है कि कुमार विश्वास ने अरुण जेटली मानहानि मामले में केजरीवाल के माफी मांगने पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि कुमार विश्वास इस मामले में माफी मांगने से इंकार कर चुके हैं। कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के संबंधों में खटास पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान आनी शुरु हुई थी। इसके बाद जब आप ने राज्यसभा में संसद सदस्यता के लिए दो बाहरी लोगों को तरजीह दी तो कुमार विश्वास ने इसका खुलकर विरोध किया था।

Leave a Reply