चौकसी ने कोर्ट से कहा- 41 घंटे की यात्रा कर एंटीगुआ से भारत नहीं आ सकता

  • मेहुल चौकसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ के लिए तैयार  
  • यह भी कहा- बैंकों से लगातार संपर्क में, मामले को सुलझाना चाहता हूं
  • फिलहाल कैरेबियाई देश एंटीगुआ में रह रहा है चौकसी 

News yuva

Dec 25, 2018, 01:13 PM IST

मुंबई. पीएनबी घोटाले में मुख्य आरोपी मेहुल चौकसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जवाब पेश किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लिखे जवाब में मेहुल ने कहा कि खराब स्वास्थ्य के चलते वह 41 घंटे की यात्रा कर भारत नहीं आ सकता। ईडी जानबूझकर कोर्ट को उसके स्वास्थ्य को लेकर गुमराह कर रहा है। चौकसी ने यह भी कहा कि वह बैंकों से लगातार संपर्क में है और मामले को सुलझाना चाहता है। मेहुल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ में शामिल होने की भी रजामंदी जताई।

  1. मेहुल चौकसी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। सीबीआई की अपील पर यह नोटिस जारी किया गया। जांच एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 13,500 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी एंटीगुआ में रह रहा है। उसके भारत प्रत्यर्पण की कोशिश की जा रही है।
  2. चौकसी ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं करने की अपील की थी। उसने खुद पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उसने भारतीय जेलों की हालत खराब बताई। चौकसी का कहना था कि भारत की जेलों में मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा। 
  3. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों की मिलीभगत से 13 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने का आरोप है। 2011 से 2018 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए रकम विदेशी खातों में ट्रांसफर की गई।
  4. पीएनबी घोटाले का खुलासा इस साल फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। इससे पहले नीरव मोदी, उसका मामा मेहुल चौकसी और नीरव के परिवार के अन्य सदस्य विदेश भाग गए। चौकसी ने इस साल 15 जनवरी को एंटीगुआ की नागरिकता ली। नवंबर 2017 में एंटीगुआ सरकार ने उसका आवेदन मंजूर किया था।
  5. क्या है रेड कॉर्नर नोटिस?

    इंटरपोल अपने सदस्य देशों की अपील पर किसी भगोड़े अपराधी के खिलाफ यह नोटिस जारी करता है। इसके जरिए वो अपने 192 सदस्य देशों को जानकारी देता है कि आरोपी उनके वहां देखा जाए तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाए या हिरासत में ले लिया जाए जिससे प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू की जा सके

Leave a Reply