चिदंबरम बोले- रिजर्व बैंक को अपनी मुट्ठी में करने में जुटी है मोदी सरकार

चिदंबरम बोले- रिजर्व बैंक को अपनी मुट्ठी में करने में जुटी है मोदी सरकार

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा, ‘सरकार के सामने राजकोषीय घाटे का संकट खड़ हो गया है.. वह इस चुनावी वर्ष में खर्च बढ़ाना चाहती है. सारे रास्ते बंद देखने के बाद हताशा में सरकार ने आरबीआई से उसके आरक्षित कोष से एक लाख करोड़ रुपये की मांग की है.’

मोदी सरकार राजकोषीय संकट से उबरने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को ‘अपनी मुठ्ठी में करने’ का प्रयास कर रही है. चिंदबरम ने आगाह कि इस तरह के प्रयासों के चलते ‘भारी मुसीबत’ खड़ी हो सकती है.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल में अपने चहेतों को भर दिया है. सरकार का प्रयास है कि 19 सितंबर को होने वाली आरबीआई निदेशक मंडल की बैठक में उसके प्रस्ताव को मंजूर कर लिया जाए.

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा, ‘सरकार के सामने राजकोषीय घाटे का संकट खड़ हो गया है.. वह इस चुनावी वर्ष में खर्च बढ़ाना चाहती है. सारे रास्ते बंद देखने के बाद हताशा में सरकार ने आरबीआई से उसके आरक्षित कोष से एक लाख करोड़ रुपये की मांग की है.’

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