पंजाब के 10.25 लाख किसानों को मिलेगी सालाना 615 करोड़ मदद, सूबे में नए उज्ज्वला कनेक्शन संभव ही नहीं

39.67 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि है सूबे में
6.40 लाख कुल कनेक्शन बांटे गए थे उज्ज्वला योजना के तहत पंजाब भर में
बठिंडा (नरिंदर शर्मा). किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार ने 5 एकड़ तक जमीन वाले छोटे किसानों को पेंशन के तौर पर सालाना 6 हजार रुपए देने की घोषणा की है। पंजाब के करीब 10.25 लाख किसान इस दायरे में आएंगे। इस हिसाब से पंजाब के किसानों को सालाना 615 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू मानी जाएगी। यह राशि तीन हिस्सों में किसानों के खाते में जाएगी।

पंजाब में कुल 39.67 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि है। इस भूमि में काश्त करने वाले किसान करीब 12 लाख हैं। और अगर जमीन ठेके पर लेकर खेती करने वाले किसानों को भी इसमें मिला लिया जाए तो इनकी संख्या 18 लाख तक पहुंच जाएगी। इनमें से 5 एकड़ तक जमीन वाले छोटे किसान 10.25 लाख हैं, जो कुल कृषि भूमि के 35% हिस्से पर का शत करते हैं।

राज्य में पहले ही पूरा हो चुका 100% कनेक्शन का टारगेट :

केंद्र ने बजट में उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में 2 करोड़ नए कनेक्शन बांटने की बात कही है। लेकिन सूबे में यह संभव नहीं लगता। क्योंकि, सूबे में उज्ज्वला के तहत पहले ही 100% टारगेट अचीव है। एलपीजी डीलर्स फेडरेशन की प्रधान हरसिमर कौर का कहना है कि अब नए कनेक्शन की गुंजाइश ही नहीं है।

गौरतलब है कि इस योजना को 2016 में शुरू कर देश भर में 6 करोड़ कनेक्शन बांटे गए थे, जिसे अब 8 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। इसमें पंजाब में भी 6.40 लाख कनेक्शन जारी हुए थे। मगर इसमें से करीब 50% ने तो सिलेंडर रिफिल ही नहीं करवाए। इसके बाद 2018-19 में एससी-एसटी कैटेगरी के लिए लोन पर कनेक्शन बांटे गए। इसमें पंजाब में करीब 4 लाख कनेक्शन दिए गए, जिसमें से करीब 2 लाख लोन पर थे।

बीमा : 45 लाख पीएफ खाताधारकों को पहले से ही 6 लाख तक इंश्योरेंस –

बजट में पीएफ खाताधारकों को 6 लाख तक के बीमे की घोषणा की गई है। लेकिन ईडीएलआई स्कीम के तहत पहले से ही 6 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस मिल रहा है, इसके लिए इंप्लायर की तरफ से कर्मचारी के पीएफ में दिए जाने वाले 12% हिस्से में से कुछ राशि कटकर ईडीएलआई में जाती है, जिसमें वेतन के हिसाब से बीमा होता है। पंजाब में 45 लाख कर्मचारी पहले से ही इसका फायदा ले रहे हैं। इनमें 15.12 लाख चंडीगढ़, 9.50 लाख लुधियाना, 5.48 लाख जालंधर, 5 लाख बठिंडा, 2.64 लाख अमृतसर कर्मचारी शामिल हैं।

भाकियू ने कहा- 500 रु. महीना आर्थिक मदद मजाक इतने का डीजल तो मोटर एक ही दिन में फूंक देती है :

भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां का कहना है कि किसानों को 6 हजार रुपए सालाना यानी महीने के 500 रुपए की आर्थिक मदद मजाक है। खेत में लगी मोटर ही एक दिन में इतने रुपए का डीजल फूंक देती है। किसानों को कर्जमाफी की आस थी, मगर वह भी टूट गई। अगर राहत ही देनी थी तो सरकार डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आती। फिर इस पर लगा टैक्स 55% से घटकर 28% तक रह जाता। किसानों को इससे बड़ी राहत मिलती।

टैक्स में छूट की सीमा 7-8 लाख रुपए तक होनी चाहिए थी :
बजट में बेशक आयकर सीमा की छूट 5 लाख रुपए तक कर दी है। लेकिन सरकार को इसे और बढ़ाना चाहिए था। ये कम से कम 7 से 8 लाख तक होनी चाहिए थी। क्योंकि टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए सालाना सिर्फ 5 लाख तक की आय वाले को ही इसका फायदा मिलेगा।

आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से पंजाब को होगा 140 करोड़ का नुकसान :
पंजाब में इस समय 15.03 लाख आयकरदाता है। आयकर छूट सीमा के बढ़ाए जाने से इनमें से कई आयकरदाता इस दायरे से बाहर हो जाएंगे। हालांकि, इससे इन लोगों तो फायदा हो रहा है, लेकिन इससे पंजाब सरकार को मिलने वाले राजस्व में कमी आएगी। अनुमान के अनुसार इससे सरकार को सालाना करीब 140 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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