भारत दुनिया का सबसे सहिष्णु देश: नसीरुद्दीन शाह के बयान पर राजनाथ

भारत दुनिया का सबसे सहिष्णु देश: नसीरुद्दीन शाह के बयान पर राजनाथ:

  • राजनाथ सिंह ने कहा- इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एकसाथ नहीं लेकिन भारत में मौजूद
  • ‘भारत में दुनिया के सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर रह रहे, इससे ज्यादा सहिष्णुता कही भी नहीं’
  • नसीरुद्दीन ने कहा था- देश में जहर फैल चुका है, ऐसे माहौल में उन्हें अपने बच्चों की फिक्र होती है

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के देश में असहिष्णुता को लेकर दिए बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान जितनी सहिष्णुता दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। राजनाथ सिंह लखनऊ में किंग जॉर्ज यूनिवर्सिटी के 114वें स्थापना दिवस में पहुंचे थे।

नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, “कई जगहों पर पुलिस अफसर से ज्यादा गाय की हत्या को महत्व दिया जा रहा है। देश में जहर फैल चुका है, लोगों को कानून अपने हाथों में लेने की खुली छूट मिल गई है। मुझे ऐसे माहौल में अपने बच्चों की फिक्र होती है।” शाह के इस बयान के बाद देश में असहिष्णुता को लेकर बहस छिड़ गई है।

नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था, “कई जगहों पर पुलिस अफसर से ज्यादा गाय की हत्या को महत्व दिया जा रहा है। देश में जहर फैल चुका है, लोगों को कानून अपने हाथों में लेने की खुली छूट मिल गई है। मुझे ऐसे माहौल में अपने बच्चों की फिक्र होती है।” शाह के इस बयान के बाद देश में असहिष्णुता को लेकर बहस छिड़ गई है।

  1. राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत में जितनी सहिष्णुता है, मैं समझता हूं कि दुनिया में ढूंढने पर भी नहीं मिलेगी। भारत इकलौता देश है, जहां दुनिया के सभी धर्म पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कहीं सारे धर्मों को मानने वाले लोग मिलजुलकर रह रहे हैं, तो वह भारत ही है।”
  2. उन्होंने कहा, “इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एक साथ नहीं मिलते। ये सभी फिरके भारत में मौजूद हैं। इसलिए यहां असहिष्णुता का कोई सवाल ही नहीं है। भारत में सभी धर्मों के लोग भारत को सशक्त, स्वाभिमानी और समृद्धिशाली बनाने में योगदान दे रहे हैं और आगे भी करेंगे।”
  3. शाह ने कहा था- उन्हें इस माहौल में बच्चों की फिक्र

    नसीरुद्दीन शाह ने कहा था, “मुझे मजहबी तालीम मिली थी। लेकिन रत्ना (पत्नी) को नहीं। वे लिबरल परिवार से आती हैं। मैंने अपने बच्चों को मजहबी तालीम नहीं दी, क्योंकि मेरा ये मानना है कि अच्छाई और बुराई का मजहब से कुछ लेना-देना नहीं। मुझे फिक्र होती है कि अपने बच्चों के बारे में कि कल को उनको अगर भीड़ ने घेर लिया कि तुम हिंदू हो या मुसलमान, तो उनके पास तो कोई जवाब ही नहीं होगा। मुझे इस बात की फिक्र होती है कि हालात जल्दी सुधरते नजर नहीं आ रहे। इन बातों से मुझे डर नहीं लगता, गुस्सा आता है।”

  4. अनुपम खेर ने भी दिया था जवाब

    अभिनेता अनुपम खेर ने शनिवार को कहा था कि देश में इतनी आजादी है कि आप सेना को गालियां दे सकते हैं, वायुसेना प्रमुख को बुरा भला कह सकते हैं और जवानों पर पत्थर फेंक सकते हैं। देश में और कितनी आजादी चाहिए? उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि वे (शाह) जो महसूस कर रहे हैं, वो सही ही हो।

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