बड़ी खबर-शिवपाल का ईशारा,लोकसभा में अखिलेश के साथ आ सकते है,बीजेपी को हराना..

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एक जमाने में जिसे यूपी का मिनी सीएम कहा जाता था वो शख्स अपनी सियासी अहमियत बताने के लिए संघर्ष कर रहा है.जी हां हम बात कर रहे है शिवपाल यादव की.शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का गठन किया है.हलाकि वो अभी भी सपा के विधायक है लेकिन आजकल वो अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगे है कानपुर में एक समारोह में आये शिवपाल ने मीडिया से कहा-हमारी पार्टी जनता के मुद्दों के साथ लोकसभा चुनाव में जाएगी.

उन्होंने कहाकि आम आदमी के लिए हमने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया है और जनता की जरूरतों को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ेंगे.प्रसपा का यूपी के सभी 75 जिलों की 80 सीटों पर संगठन तैयार हो चुका है और पार्टी समर्थक नेताजी के समाजवाद की विचारधारा को घर-घर हमारे कार्यकर्ता पहुंचा रहे हैं.

शिवपाल ने ये साफ़ किया कि वो भाजपा के साथ कभी गठबंधन नहीं करेंगे.उन्होंने कहाकि अगर सपा और बसपा की तरफ से सम्मानजंक ऑफर आया फिर साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर कर सकते है.उन्होंने भाजपा को फासिवादी पार्टी बताया.प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि उनका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है.वह तो सपा-बसपा गठबंधन के गठबंधन करना चाहते हैं.हां इसके लिए दोनों दलों के प्रमुखों को बड़ा दिल दिखाना होगा.

उन्होंने कहाकि बराबरी का मौका मिला तो प्रसपा गठबंधन करेगी.शिवपाल यादव ने कहा कि लखनऊ में 9 दिसंबर में हुई जन आक्रोश रैली को सफल बताया.शिवपाल यादव ने कहा कि नेता जी हमारे साथ हैं और हम उन्हें अपनी पार्टी की तरफ से मैनपुरी से चुनाव के मैदान में उतारेंगे.हां वो परिवार के बड़े सदस्य हैं और वो अखिलेश व हमारे कार्यक्रमों में आने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं.

पांच राज्यों में भाजपा की हार पर शिवपाल यादव ने कहा कि देश में व राज्यों में बैठी भाजपा सरकारें जनता से किए वादे पूरे नहीं किए.जिसके कारण जनता इनसे नाराज थी और वोट की चोंट के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया.भाजपा का ग्राफ गिरा है और इसका असर लोकसभा चुनाव में जरूर पड़ेगा.

शिवपाल यादव ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है.महिलाओं की आबरू सुरक्षित नहीं है.बेरोजगारों युवाओं ने जब भी अपना हक़ सरकार से हाथ मांगा है उनको सिर्फ लाठियां मिली हैं.

प्रदेश की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है.नोटबंदी व जीएसटी से देश की जनता पूरी तरह से त्रस्त है.पुलिस अपराध रोकने के बजाए अपराधियो का एनकाउंटर कर रही है.सुना है कि कानपुर में एक माह के दौरान 18 लोगों के पैर में गोली मारी गई है.पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया.अगर कोई अपराधी पकड़ा जाता है तो उसे न्यायालय में पेश करना चाहिए

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