देखना या महसूस करना उतना महत्त्वपूर्ण नहीं, जितना की विश्वास और उम्मीद है: मोहित जौहरी

कलम की दस्तक हुई और सोंच आपसे मुखातिब: मित्रों देखना , मेहसूस करना, विश्वास और उम्मीद का परिचय करा दूँ

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