दुःख एक चुनौती और विकास का अवसर होता है: Mohit Johari

23july2017

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आरंभ और अन्त दोनों की ही शुरआत जिस प्रकार अक्षर से है ,
ठीक उसी प्रकार जीवन मे यदि कुछ भी करने को ठाना हो तो उसका आरम्भ ,आनन्द से करें।
बाधाओं और समस्याओं को दुःख की तरह न लें।
सही दिशा भी इंसान को बाधाओं के बाद ही मिलती है।

दुःख चुनौती है; विकास का अवसर है, दुःख अनिवार्य है।

 

दुःख के बिना कोई अपने जीवन में जाग ही नही सकता।
देखा जाये तो गुलाम्परस्त सोंच से ग्रसित युवा को  दुःख भी नहीं जगा पा रहा है।

हालत ऐसी की मानिए की जैसे कोई रेलवे स्टेशन पर रहता है, तो ट्रेनें निकलती रहती हैं, आती-जाती रहती हैं, शंटिंग होता रहता है गाडिय़ों का और शोरगुल मचता रहता है, मगर उसकी नींद नहीं टूटती।

आज का युवा अपनी निद्रा से उठना ही नहीं चाहता।

दुःख चुनौती है :

दुःख माँजता है, जगाता है और राह दिखाता है।

दुःख को आप अपने जीवन में किस रूप में और कैसा लेते हो, इस पर सब निर्भर है। दुःख को चुनौती की तरह लो।

“दुख जीवन की सहज व्यवस्था का अंग है।”

दुःख के तीर का चुभना भी ज़रूरी है जीवन में।
व्यक्तिगत सोंच है कि दुःख दस्तक और परिवर्तन रूपी दरवाज़े की उस चौखट की तरह है जिसको यदि आप पार कर लें तो मंज़िल जल्द आप की,लेकिन अक्सर बहुत से युवा इसी चौखट को पार करने के बजाय वही रोते रोते और ईश्वर को दोष देते हुए पूरा जीवन व्यतीत कर देतें हैं।

 हर-इक ठोकर जिंदगी का राज खोलती है,सिर्फ समस्या पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुखी रहोगे, समाधान पर ध्यान देना शुरू करो। दअसल, हम जिस पर ध्यान देते हैं वह चीज सक्रिय हो जाती है। ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है।

 

*सब पात्रता के अनुसार है:

गौर करियेगा तो पाएंगे कि जब हवाएं तेज़ हो और विक्राल रूप ले लें उसे तो वो तूफान कहा जाता है।

जो छोटे-मोटे दीये होते है वो बुझ जातें हैं।
पर यही अगर जंगल में आग लगी हो, तो यही तूफान और लपटों को बढ़ा देता है।

स्पष्ट है कि, छोटा दीया बुझ जाता है और लपटें जंगल की और बढ़ जाती हैं। तूफान वही था।

मित्र जऱा जागो!
जंगल की आग बनो! और फिर पाओगे कि जिंदगी की हर आँधी आपकी लपटों को बढ़ाएगी।
जिंदगी का हर दुःख एक नई दिशा के दरवाजे जैसा होगा।

 

अगर दुःख न हो जीवन में, जिंदगी का मजा नहीं मिलता। सुख का अनुभव भी तब ही सम्भव है।
अँधेरी रातों के बिना सुबह की ताजगी नहीं है। और मौत के अंधेरे के बिना जीवन का प्रकाश कहाँ?

 

यह दुःख जागने की सूचना है।

 

मोहित जौहरी

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