और भी तेज़ दौड़ सकता है आपका बच्चा अगर आप उसकी पीठ से उतर जायें : मोहित जौहरी

और भी तेज़ दौड़ सकता है आपका बच्चा अगर आप उसकी पीठ से उतर जायें !

आज एक छोटा सा और मायने बड़े रखने वाला एक प्रश्न पूछा गया कि:

आखिर आज के दौर में छात्रों को अपने जीवन मे सफलता पाने के लिए क्या करना चाहिए ?

जवाब: हर छात्र अपने जीवनरूपी दौड़ में और बेहतर दौड़ सकता है यदि अभिवावक दौड़ के दौरान उसकी पीठ से उतर जाएं।

मतलब बिल्कुल साफ है कि अभिवावक अगर उस दौड़ को चुनने की आज़ादी का कुछ प्रतिशत अगर अपने बच्चों को दे दें यानि अगर बच्चा यह तय करने के लिए स्वतंत्र रहे कि उसे किस दौड़ में दौड़ना है।

अगर बच्चा अपनी छमताओं को जानते हुए खुद की काबिलियत से रूबरू हो जाता है और यह तय कर लेता है कि क्या जिस दौड़ में वो हिस्सा ले रहा है वो सिर्फ शामिल होने मात्र तक ही सीमित है या वो जीतने के लिए उस दौड़ में है।

याद रखें गर दौड़ में है तो जीतने के उद्देश्य के साथ उस दौड़ को जीते,हिस्सा बनकर अगर दौड़ में शामिल मात्र से दौड़ नही जीती जाती।।

एक ही खिलाड़ी विजेता बनता है,वो खिलाड़ी जीतने के लिए दौड़ता है,
दौड़ने के लिए नहीं ।

अभिवावको को यह ध्यान में रखना चाहिए कि वो अपने बच्चों के लिए खुद ही दौड़ को चिन्हित न करें,बल्कि अपने बच्चों की छमताओं के , काबिलियत के आधार पर उनकी सहमति जानते हुए ही उन्हें जीवन की करियर रूपी दौड़ में शामिल कराएं।

 

 

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